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दुख के काँटे (कविता)

Posted On: 19 May, 2012 Others,मेट्रो लाइफ में

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दुख में सुख की बहुत याद आती है,

धैर्य और साहस की परीक्षा हो जाती है ।

आग में तपकर ही सोने में चमक आती है,

दुख को सहकर ही किस्मत को चुनौती दी जाती है ।


दुख सुख का महत्व समझा जाता है,

दूसरों के दर्द का भी हसास करा जाता है ।

दुख शत्रु और मित्र की पहचान करा देता है,

अपने और पराये की परख बता देता है ।


सुख छिनने का हमेशा डर लगा रहता है,

दुख में व्यक्ति इस बात से निर्भय बना रहता है ।

सुख जाता है तो दुख दे जाता है,

दुख जाता है तो सुख दे जाता है ।


पतझड़ के बाद बसन्त की बहार भी आती है,

तपती गर्मी के बाद मानसून की बौछार भी आती है ।

अँधेरी रात के बाद उजाले की भोर भी आती है,

दुख और कष्टों के बाद सुख की झंकार भी आती है ।


उजाले के बिना जीवन में अँधेरा हो जाता है,

पर अँधेरा ही उजाले का महत्व समझाता है ।

सुख  दुख जीवन के साथ चलते हैं,

फूलों के साथ कांटे भी मिलते हैं ।



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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

nishamittal के द्वारा
May 28, 2012

सकारात्मक दृष्टिकोण को व्यक्त करती आपकी रचना ने प्रभावित किया पुनीता जी.

yogi sarswat के द्वारा
May 21, 2012

उजाले के बिना जीवन में अँधेरा हो जाता है, पर अँधेरा ही उजाले का महत्व समझाता है । सुख दुख जीवन के साथ चलते हैं, फूलों के साथ कांटे भी मिलते हैं । sundar panktiyan !

akraktale के द्वारा
May 21, 2012

पुनीता जी नमस्कार, सुख छिनने का हमेशा डर लगा रहता है, दुख में व्यक्ति इस बात से निर्भय बना रहता है । सुख जाता है तो दुख दे जाता है, दुख जाता है तो सुख दे जाता है । बहुत सुन्दर रचना मुझे याद आगई कुछ बातें जो शायद आपने भी पढ़ी ही होंगी. कुछ आने से ख़ुशी होती है और कुछ के जाने से. लगभग यही बातें मुझे आपकी रचना में भी देखने को मिली हैं. बधाई.

shashibhushan1959 के द्वारा
May 21, 2012

आदरणीय पुनीता जी, सादर ! सच कहा आपने – जीवन में सुख और दुःख दोनों महत्वपूर्ण हैं ! रचना के भाव बहुत अच्छे ! हार्दिक बधाई !

punitasingh के द्वारा
May 20, 2012

सुन्दर जीवन के कठोर सच को उजागर करती है कविता |बहुत -बहुत शुभकामनायें |

Punita Jain के द्वारा
May 20, 2012

आप सभी ने जो उत्साहवर्धक प्रतिक्रियां दी , उसके लिए आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद् |

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    May 20, 2012

    मन में आशा दीप जगाती हुई इस सुंदर रचना पर मुबारकबाद

ajaydubeydeoria के द्वारा
May 20, 2012

बहुत सुन्दर पंक्तियाँ,,,,,, सुन्दर संदेश और ज्ञान वर्धक रचना…बधाई….

चन्दन राय के द्वारा
May 20, 2012

पुनीता जी , उजाले के बिना जीवन में अँधेरा हो जाता है, पर अँधेरा ही उजाले का महत्व समझाता है । सुख दुख जीवन के साथ चलते हैं, फूलों के साथ कांटे भी मिलते हैं । बहुत ही दार्शनिक भाव से लबरेज कविता

dineshaastik के द्वारा
May 20, 2012

सुन्दर संदेश  और ज्ञान वर्धक  रचना…बधाई….

jlsingh के द्वारा
May 20, 2012

सुख दुःख की आँख मिचौली खोले जीवन अपना मुख! सुख दुख जीवन के साथ चलते हैं, फूलों के साथ कांटे भी मिलते हैं । बहुत सुन्दर पंक्तियाँ!

drbhupendra के द्वारा
May 20, 2012

sundar rachana….


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